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करेंट अफेयर्स 21 दिसंबर:संजय सिंह रेसलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष बने, केंद्र सरकार ने 'राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2023' की घोषणा की

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                    करेंट अफेयर्स 21 दिसंबर: करेंट अफेयर्स 2023- दैनिक, साप्ताहिक, मासिक  संजय सिंह रेसलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष बने, केंद्र सरकार ने 'राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2023' की घोषणा की Bharat NCAP ने पहले क्रैश टेस्ट के नतीजे घोषित किए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में तीन नए क्रिमिनल लॉ बिल पेश किए, जो पास हो गए हैं। वहीं, अमिताभ बच्चन इंडियन स्ट्रीट प्रीमियर लीग (ISPL) में मुंबई टीम के मालिक बन गए हैं। आइए आज के ऐसे ही प्रमुख करेंट अफेयर्स पर नजर डालते हैं, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए अहम हैं… नियुक्ति (APPOINTMENT) 1. संजय सिंह रेसलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष नियुक्त: 21 दिसंबर को रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के नए अध्यक्ष को लेकर बॉडी के पदाधिकारियों के लिए वोटिंग हुई। इसके परिणाम में संजय सिंह ने कॉमनवेल्थ चैंपियन अनीता सिंह श्योराण को हराकर चुनाव जीता है।https://cockysnailleather.com/mkh9e92a3?key=a908f1d185bb72440b6e26ed5aa20323 पिछली बॉडी में जॉइंट सेक्रेटरी रहे संजय सिंह को नया अध्यक्ष...

टूट जाएगा अफ्रीका, 18 साल में पड़ी 56 किमी लंबी दरार, दुनिया को मिलेगा नया महाद्वीप

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  टूट जाएगा अफ्रीका, 18 साल में पड़ी 56 किमी लंबी दरार, दुनिया को मिलेगा नया महाद्वीप पूर्वी अफ़्रीकी दरार , उत्तर में अदन की खाड़ी से लेकर दक्षिण में ज़िम्बाब्वे तक फैली हुई, गहरी घाटियों, खड़ी ढलानों और ज्वालामुखीय चोटियों की एक जटिल प्रणाली है। यह महाद्वीपीय दरार की चल रही प्रक्रिया का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें पृथ्वी की पपड़ी धीरे-धीरे अलग हो जाती है। अफ्रीका से जमीन का एक बड़ा टुकड़ा टूटकर अलग हो रहा है। यह दरार 56 किलोमीटर लंबी है। यह नया टुकड़ा अलग होकर नए महाद्वीप के रूप में जन्म लेगा। वैज्ञानिकों के अनुसार महाद्वीप कई प्लेट्स पर तैर रहे हैं। ऐसा ही महाद्वीप है अफ्रीका। इस महाद्वीप में 18 साल की अवधि के दौरान 56 किलोमीटर लंबी दरार पड़ गई है। इस हिसाब से देखा जाए तो हर साल जमीन का एक टुकड़ा करीब सवा 3 किलोमीटर की गति से टूट रहा है। जमीन का यह टुकड़ा अफ्रीका महाद्वीप से अलग होने वाला है। अलग होकर यह बड़ा टुकड़ा दुनिया के नए महाद्वीप के रूप में अस्तित्व में आएगा। भूवैज्ञानिक और भूभौतिकीविद् अभी भी इस बात पर बहस कर रहे हैं कि ऐसा होने का कारण क्या हो सकता है। वर्तमान अग...

दुनिया की सबसे बड़ी सेना किस देश के पास, भारत दूसरे नंबर पर, चीन-पाकिस्तान का हाल जानें

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दुनिया की सबसे बड़ी सेना किस देश के पास, भारत दूसरे नंबर पर, चीन-पाकिस्तान का हाल जानें किसी भी देश की सुरक्षा का आधार उस देश की सेना होती है। अगर सेना मजबूत होगी तो देश पर बाहरी आक्रमण का खतरा कम होगा। दुनिया के सभी देश अपनी सेना को ताकतवर बनाने और युद्ध के लिए हर वक्त तैयार रखने के लिए हर साल जीडीपी का एक बड़ा हिस्सा खर्च करते हैं। ऐसे में जानें दुनिया की 10 सबसे बड़ी सेनाओं के बारे में दुनिया की 10 सबसे बड़ी सेनाएं कौन सी हैं जर्मन डेटाबेस कंपनी स्टेटिका ने विश्व के सबसे बड़े सैन्यकर्मियों वाले देशों की सूची जारी की है। इस सूची में उन देशों को स्थान मिला है, जिनके पास दुनिया की सबसे बड़ी सेनाए हैं। इसमें भारत, अमेरिका, चीन, रूस और पाकिस्तान का भी नाम शामिल है। ऐसे में जानें विश्व की 10 सबसे बड़ी सेनाओं वाले देशों के बारे में चीन स्टेटिका की रिपोर्ट के अनुसार, चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी दुनिया की सबसे बड़ी सेना है। 2022 में चीनी सेना में सूचीबद्ध कर्मचारियों की कुल संख्या 2000000 है। भारत भारतीय थल सेना दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी सेना है। भारतीय थल सेना में एक्टिव सैनिकों की कुल...

BCCI मीडिया राइट्स की रेस में गूगल-अमेजन:₹15 लाख के टेंडर डॉक्यूमेंट जारी; ₹6 हजार करोड़ में 5 साल की डील संभव

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  BCCI मीडिया राइट्स की रेस में गूगल-अमेजन: ₹15 लाख के टेंडर डॉक्यूमेंट जारी; ₹6 हजार करोड़ में 5 साल की डील संभव BCCI के मीडिया राइट्स खरीदने की रेस में अमेजन के साथ गूगल कंपनी भी शामिल हो सकती है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ब्रॉडकास्ट राइट्स के लिए गूगल और अमेजन को टारगेट कर रहा है। BCCI ने आज राइट्स के लिए टेंडर डॉक्यूमेंट जारी कर दिए हैं। भारत में अगले 5 साल तक होने वाले मैचों के राइट्स करीब 6 हजार करोड़ रुपए में बिक सकते हैं। इनमें भारत में होने वाले तीनों फॉर्मेट के 102 इंटरनेशनल मैच और घरेलू मैच शामिल हैं। 15 लाख में खरीदने होंगे टेंडर डॉक्यूमेंट BCCI ने मीडिया राइट्स के टेंडर डॉक्यूमेंट की कीमत 15 लाख रुपए रखी है। डॉक्यूमेंट में टेंडर प्रोसेस, एलिजिबिलिटी डिटेल, राइट्स और बाकी डिटेल्स दी गई हैं। भारतीय कंपनियों को डॉक्यूमेंट खरीदने के लिए टैक्स मिलाकर करीब 17.70 लाख रुपए देने होंगे । वहीं विदेशी कंपनियों को टैक्स के बाद भी करीब 15.16 लाख रुपए ही देने होंगे। ये कीमत नॉन-रिफंडेबल होगी, यानी डॉक्यूमेंट्स खरीदने के बाद अगर कंपनियों ने बोली नहीं लगाई, तब भी उनके पैसे ...