एससीओ सम्मेलन में पुतिन ने दिल खोलकर की भारत की तारीफ, कहा- दुनिया ने छेड़ा हमारे खिलाफ हाइब्रिड वॉर
डॉलर, कोल्ड वॉर... एससीओ सम्मेलन में पीएम मोदी और पुतिन के सामने अमेरिका पर जमकर बरसे चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग
शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) सम्मेलन का वर्चुअल आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से किया गया है। मंगलवार को इस सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हिस्सा लिया। इस दौरान जिनपिंग ने शांति के लिए जरूरी लक्ष्यों को हासिल करने की बात कही।
बीजिंग: मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) के सम्मेलन का आयोजन हुआ। यह सम्मेलन वर्चुअली आयोजित हो रहा है और चीन, रूस, पाकिस्तान समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष इसमें हिस्सा ले रहे हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस दौरान जब अपना संबोधन दिया तो उन्होंने एक तरफ तो शांति की बात की मगर दूसरी तरफ अमेरिका का नाम लिए उस पर निशाना साधा। वैगनर ग्रुप की तरफ से पिछले दिनों रूस में हुई असफल तख्तापलट की कोशिश के बाद इस सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। ऐसे में सबकी नजरें रूसी राष्ट्रपति पुतिन के संबोधन पर भी टिकी हैं।
मॉस्को: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। पिछले दिनों हुए वैगनर विद्रोह के बाद पुतिन पहली बार दुनिया के सामने आए। इस दौरान उन्होंने यूक्रेन जंग का जिक्र किया तो दोस्त भारत की जमकर तारीफ की। पुतिन ने इस सम्मेलन में पश्चिमी देशों की तरफ से लगाए गए प्रतिबंधों का सामना करने और उसे भड़काने के लिए उठाए गए हर कदम का जवाब देने की कसम खाई है। इस साल भारत सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली राजकीय यात्रा को पूरा करके अमेरिका से लौटे हैं। उनकी इस यात्रा के बाद यह पहला बड़ा सम्मेलन है।
यूक्रेन हथियारों से पटा
एससीओ में रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा प्रणाली कई समस्याओं की वजह से बिगड़ गई है। उनका कहना था कि यूक्रेन को हथियारों से भर दिया गया है। बाहरी ताकतों की वजह से रूस के पड़ोसी को उसका दुश्मन बना दिया गया है। पुतिन ने कहा रूस ने प्रतिबंधों का मुकाबला किया और विकास जारी रखा है। पुतिन के शब्दों में, 'मैं समर्थन के लिए एससीओ सदस्यों को धन्यवाद देता हूं। राष्ट्रीय मुद्रा का उपयोग करके रूस-एससीओ व्यापार रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ गया है। रूस-चीन का व्यापार अब 80 फीसदी तक हो गया है। यह व्यापार अब रूबल और युआन में साथ ही बाकी एससीओ भागीदारों के साथ बढ़ेगा।
'पुतिन का कहना था कि रूस के खिलाफ एक हाइब्रिड युद्ध जारी है। उनका कहना था कि रूस इस तरह की हर रणनीति का मुकाबला कर सकता है। एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान पुतिन ने समूह की अध्यक्षता में भारत की सराहना की। रूस के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों पर एससीओ के सदस्य देश जैसे कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान बंटे हुए हैं। कुछ देशों ने रूस के पक्ष में मतदान किया तो कुछ ने मतदान से दूरी बनाई। माना जा रहा था कि पुतिन इस मंच से दुनिया को यह संकेत दे सकते हैं कि वह अभी भी महत्वपूर्ण हैं और बहुत हद तक कमान संभाले हुए हैं।
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