पश्चिम एशिया भारत की शक्ति को गंभीरता से लेने का समय आ गया है": अमेरिकी पत्रिका ‘फॉरेन पॉलिसी’
पश्चिम एशिया भारत की शक्ति को गंभीरता से लेने का समय आ गया है": अमेरिकी पत्रिका ‘फॉरेन पॉलिसी’
प्रधानमंत्री मोदी की हालिया मिस्र यात्रा का उल्लेख करते हुए लेख में कहा गया कि यह दौरा दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ होते संबंधों को दर्शाता है क्योंकि इससे पहले मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी ने लगभग छह महीने पहले भारत की यात्रा की थी.
प्रमुख अमेरिकी पत्रिका ‘फॉरेन पॉलिसी' ने अपने हालिया लेख में पश्चिम एशिया में भारत के ‘‘अहम शक्ति'' के रूप में उभरने पर प्रकाश डाला है. इसे पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में सबसे दिलचस्प भू-राजनीतिक घटनाक्रम में से एक के रूप में देखा जा रहा है. लेख में इजराइल, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सहित क्षेत्र के प्रमुख देशों के साथ नयी दिल्ली के गहरे और बढ़ते संबंधों पर प्रकाश डाला गया है. इसमें कहा गया है कि ये देश बदलती अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में भारत के उभार का लाभ उठाने के इच्छुक नजर आ रहे हैं.
कुक ने लिखा कि अतीत में भारतीय उद्योगपतियों के इजराइल में निवेश से परहेज के मामले में अब बदलाव आया है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में अडाणी समूह और एक इजराइली भागीदार ने हाइफा बंदरगाह के लिए 1.2 अरब अमेरिकी डॉलर की निविदा हासिल की और भारत-इजराइल मुक्त व्यापार समझौते के लिए भी बातचीत जारी है. लेख में कहा गया, 'बेशक, भारत-इज़राइल संबंध जटिल हैं. भारत फ़लस्तीनियों के समर्थन में दृढ़ है; ईरान के साथ उसके मैत्रीपूर्ण संबंध हैं, जहां से नयी दिल्ली ने महत्वपूर्ण मात्रा में तेल खरीदा है; और भारतीय विशिष्ट वर्ग इज़राइल को उनके देश के औपनिवेशक अनुभव के चश्मे से देखता है.''
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