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आज का ज्ञान

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            आज का ज्ञान एलन शेपर्ड                     अपोलो 14 के दौरान चंद्रमा पर शेपर्ड एलन शेपर्ड (18 नवंबर, 1923 - 21 जुलाई, 1998) एक अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री , नौसैनिक एविएटर , परीक्षण पायलट और व्यवसायी थे। 1961 में वह अंतरिक्ष में यात्रा करने वाले दूसरे व्यक्ति और पहले अमेरिकी बने, और 1971 में वह चंद्रमा पर चले ( चित्रित) । शेपर्ड ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सतही नौसेना के साथ कार्रवाई देखी। वह 1947 में एक नौसैनिक एविएटर और 1951 में एक परीक्षण पायलट बन गए। वह 1959 में नासा के मूल मर्करी सेवन अंतरिक्ष यात्रियोंमें से एक थे , और मई 1961 में उन्होंने अपनी पहली अंतरिक्ष उड़ान बनाई: मर्करी-रेडस्टोन 3 , पहली चालक दल वाली प्रोजेक्ट मर्करी उड़ान . 1971 में, उन्होंने अपोलो लूनर मॉड्यूल एंटारेस का संचालन करते हुए अपोलो 14 मिशन की। वह चंद्रमा पर चलने वाले पांचवें और सबसे उम्रदराज व्यक्ति बन गए , और ऐसा करने वाले मर्करी सेवन अंतरिक्ष यात्रियों में से एकमात्र व्यक्ति बन गए। 1971 में उन्हें रियर एडमिरल के पद प...

BCCI मीडिया राइट्स की रेस में गूगल-अमेजन:₹15 लाख के टेंडर डॉक्यूमेंट जारी; ₹6 हजार करोड़ में 5 साल की डील संभव

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  BCCI मीडिया राइट्स की रेस में गूगल-अमेजन: ₹15 लाख के टेंडर डॉक्यूमेंट जारी; ₹6 हजार करोड़ में 5 साल की डील संभव BCCI के मीडिया राइट्स खरीदने की रेस में अमेजन के साथ गूगल कंपनी भी शामिल हो सकती है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ब्रॉडकास्ट राइट्स के लिए गूगल और अमेजन को टारगेट कर रहा है। BCCI ने आज राइट्स के लिए टेंडर डॉक्यूमेंट जारी कर दिए हैं। भारत में अगले 5 साल तक होने वाले मैचों के राइट्स करीब 6 हजार करोड़ रुपए में बिक सकते हैं। इनमें भारत में होने वाले तीनों फॉर्मेट के 102 इंटरनेशनल मैच और घरेलू मैच शामिल हैं। 15 लाख में खरीदने होंगे टेंडर डॉक्यूमेंट BCCI ने मीडिया राइट्स के टेंडर डॉक्यूमेंट की कीमत 15 लाख रुपए रखी है। डॉक्यूमेंट में टेंडर प्रोसेस, एलिजिबिलिटी डिटेल, राइट्स और बाकी डिटेल्स दी गई हैं। भारतीय कंपनियों को डॉक्यूमेंट खरीदने के लिए टैक्स मिलाकर करीब 17.70 लाख रुपए देने होंगे । वहीं विदेशी कंपनियों को टैक्स के बाद भी करीब 15.16 लाख रुपए ही देने होंगे। ये कीमत नॉन-रिफंडेबल होगी, यानी डॉक्यूमेंट्स खरीदने के बाद अगर कंपनियों ने बोली नहीं लगाई, तब भी उनके पैसे ...

जीवनयापन के लिए सबसे महंगा देश है बरमूडा, भारत और अमेरिका का क्या है हाल? युद्धग्रस्त रूस को मिला 110वां स्थान

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  जीवनयापन के लिए सबसे महंगा देश है बरमूडा, भारत और अमेरिका का क्या है हाल? युद्धग्रस्त रूस को मिला 110वां स्थान बरमूडा रहने योग्य सबसे महंगा देश है। हालांकि वर्ल्ड ऑफ स्टैटिक्स द्वारा जारी की गई सूची के मुताबिक टॉप 10 देशों में भारत का नाम शामिल नहीं है। वर्ल्ड ऑफ स्टैटिक्स ने 140 देशों का आंकड़ा जारी किया है जिसमें पाकिस्तान को सबसे निचला पायदान हासिल हुआ है। भारत की बात की जाए तो उसे 138वां स्थान प्राप्त हुआ है। दुनियाभर में रहने के लिहाज से बरमूडा और स्विट्जरलैंड सबसे ज्यादा शानदार देशों में शुमार हैं, लेकिन यहां पर रहना हद से भी ज्यादा महंगा है। यह डेटा वर्ल्ड ऑफ स्टैटिक्स ने जारी किया है। वर्ल्ड ऑफ स्टैटिक्स ने 140 देशों की सूची जारी की है। जिसमें शीर्ष पर बरमूडा तो निचले पायदान पर पाकिस्तान मौजूद है। बता दें कि बरमूडा में मौजूद समुद्री बीच लोगों को काफी लुभाते हैं, लेकिन यहां कॉस्ट ऑफ लिविंग हद से ज्यादा महंगा है, जबकि स्विट्जरलैंड को इस लिस्ट में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। इस सूची में केमैन आइलैंड्स, बहामास, आइसलैंड, सिंगापुर, बारबाडोस, नॉर्वे, डेनमार्क, ऑस्ट्रेलिया का भी ...

ये हैं दुनिया के 5 सबसे खूबसूरत रेलवे स्टेशन, लिस्ट में शामिल है भारत का ये ऐतिहासिक स्टेशन

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  ये हैं दुनिया के 5 सबसे खूबसूरत रेलवे स्टेशन, लिस्ट में शामिल है भारत का ये         ऐतिहासिक स्टेशन ग्रांड सेंट्रल टर्मिनल, न्यूयॉर्क में एक प्रसिद्ध लैंडमार्क और परिवहन केंद्र है. यह 2 फरवरी 1913 को खुला था और विश्व के सबसे बड़े रेलवे स्टेशनों में से एक है. इसकी 44 प्लेटफॉर्मों की संख्या के कारण यह गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का गर्व है. इसकी सुंदर आर्ट और वास्तुकला के कारण यह कई हॉलीवुड फिल्मों में भी दिखाया गया है. इसकी छत और मध्य भाग में स्थित चारों ओर साइडेड मोनयूमेंटल क्लॉक इसे खास बनाते हैं. कुआलालंपुर स्टेशन कुआलालंपुर शहर की एक ऐतिहासिक इमारत है, जो आज भी इतिहासकारों और पर्यटकों को आकर्षित करती है. यह वर्ष 1910 में मलेशिया की रेल परिवहन प्रणाली के केंद्र के रूप में निर्मित हुआ था और मूरिश आर्किटेक्चर के डिज़ाइन में बनाया गया है. इसकी विशालता और कांच और लोहे के गुंबदों की वजह से यह विक्टोरियन इमारत की तरह दिखता है. सेंट पैनक्रास इंटरनेशनल स्टेशन लंदन के प्रमुख स्थलों में से एक है और यूरोप के गेटवे के रूप में कार्य करता है. इसे मूल रूप से 1868 में...

आज भारत में सिनेमा के 127 साल पूरे

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  आज भारत में सिनेमा के 127 साल पूरे चलती ट्रेन देख थिएटर से भागे लोग, औरतें बेहोश हुईं: एक तोला सोने की कीमत में बिके टिकट जगह- मुंबई का वॉटसन होटल शाम के करीब 6 बजे शहर के 200 नामी रईस लोग होटल के ऑडिटोरियम में जमा हुए। यहां एक चमत्कार दिखाया जाना था। ऑडिटोरियम के एक तरफ सफेद पर्दा लगा था, उसके सामने कुर्सियों पर सभी लोगों को बैठाया गया, वैसे ही जैसे आज थिएटर में होता है। कुछ अंग्रेज यहां वो चीज दिखाने वाले थे, जिसे सिनेमा कहा जा रहा था। दावा था कि पर्दे पर लोग और जानवर चलते-फिरते दिखेंगे। इस चमत्कार को देखने के लिए इन 200 लोगों ने 1 रुपया कीमत चुका कर टिकट खरीदे थे। 1896 के उस दौर में सोना 1 रुपए तोला ही था। खैर, ऑडिटोरियम में अंधेरा किया गया और सिनेमा शुरू हुआ। जो दावा किया जा रहा था, वो सच निकला। सामने लगे सफेद पर्दे पर कुछ लोग एक फैक्ट्री से निकल रहे थे, इस फिल्म का नाम था 'वर्कर्स लीविंग द लूमियर फैक्ट्री'। ये वाकई चमत्कार था। लोग आंखें गढ़ाए पर्दे की तरफ एकटक देख रहे थे। ऐसा कैसे संभव है। कपड़े के पर्दे पर लोग चलते हुए कैसे दिख सकते हैं। सबके चेहरे पर ये सवाल दिख रहा...